बच्चे की प्राप्ति के लिए किस भगवान की पूजा करें? संतान सुख पाने के दिव्य उपाय
बच्चे की प्राप्ति के लिए किस भगवान की पूजा करनी चाहिए? जानिए संतान सुख से जुड़े प्रमुख देवी-देवता, पूजा विधि और आध्यात्मिक रहस्य—Adhyatmik Shakti के मार्गदर्शन के साथ।बच्चे की प्राप्ति के लिए किस भगवान की पूजा करें
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1/24/20261 min read
भूमिका: संतान सुख का आध्यात्मिक महत्व
संतान प्राप्ति केवल एक जैविक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति में इसे दैवी अनुग्रह माना गया है। जब पति-पत्नी संतान सुख से वंचित रहते हैं, तो यह केवल शारीरिक पीड़ा नहीं बल्कि मानसिक और भावनात्मक परीक्षा भी बन जाती है।
भारत की सनातन परंपरा में यह माना गया है कि जब सभी सांसारिक प्रयास पूर्ण हो जाएँ, तब ईश्वर की शरण में जाना ही अंतिम और सच्चा मार्ग होता है।
Adhyatmik Shakti के अनुसार, संतान की प्राप्ति के लिए आस्था, संयम, सही पूजा और सकारात्मक कर्म—तीनों का संतुलन आवश्यक है।
क्या वास्तव में भगवान की पूजा से संतान प्राप्ति होती है?
यह प्रश्न अनेक लोगों के मन में होता है।
शास्त्रों के अनुसार:
संतान पूर्व जन्म के कर्मों
वर्तमान जीवन के धैर्य और संस्कार
तथा ईश्वरीय कृपा
का संयुक्त फल होती है।
पूजा का उद्देश्य केवल इच्छा माँगना नहीं, बल्कि:
आत्मशुद्धि
मानसिक शांति
नकारात्मक कर्मों का क्षय
है।
संतान प्राप्ति के लिए प्रमुख भगवान और देवी
नीचे वे देवी-देवता दिए गए हैं जिनकी पूजा भारतीय परंपरा में संतान सुख के लिए विशेष रूप से मानी गई है।
1. भगवान शिव – सृष्टि के मूल आधार
भगवान शिव को:
संहार और सृजन
तप और करुणा
योग और जीवन
का प्रतीक माना जाता है।
क्यों करें शिव पूजा?
शिव कृपा से बाधाएँ दूर होती हैं
मानसिक तनाव कम होता है
दाम्पत्य जीवन में संतुलन आता है
पूजा विधि
प्रत्येक सोमवार शिवलिंग पर जल, दूध अर्पित करें
“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें
सावन मास में विशेष व्रत रखें
2. माता पार्वती – मातृत्व की देवी
माता पार्वती को आदर्श माता माना जाता है। वे:
वात्सल्य
करुणा
संतान सुख
की अधिष्ठात्री देवी हैं।
कब पूजा करें?
हर शुक्रवार
हरियाली तीज
गौरी व्रत
विशेष उपाय
गौरी-शंकर की संयुक्त पूजा
माता पार्वती को श्रृंगार सामग्री अर्पित करना
3. भगवान श्रीकृष्ण – बाल लीलाओं के स्वामी
श्रीकृष्ण बाल रूप में:
आनंद
प्रेम
जीवन की पूर्णता
का संदेश देते हैं।
मान्यता
जिन दंपत्तियों के जीवन में निराशा है, उन्हें श्रीकृष्ण भक्ति से आशा मिलती है
मानसिक अवरोध दूर होते हैं
पूजा विधि
गुरुवार को पीले वस्त्र पहनें
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप करें
लड्डू गोपाल की सेवा करें
4. भगवान गणेश – विघ्नहर्ता
कई बार संतान न होने का कारण:
अदृश्य बाधाएँ
ग्रह दोष
मानसिक भय
होता है।
गणेश जी इन सभी बाधाओं को दूर करते हैं।
पूजा विधि
बुधवार को गणपति पूजन
दूर्वा अर्पित करें
“ॐ गं गणपतये नमः” का जाप
5. संतान गोपाल मंत्र और पूजा का महत्व
संतान गोपाल मंत्र विशेष रूप से:
संतान प्राप्ति
गर्भ रक्षा
स्वस्थ संतान
के लिए जाना जाता है।
मंत्र
ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते
देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥
इस मंत्र का जाप:
प्रतिदिन 108 बार
कम से कम 40 दिन
करना अत्यंत फलदायी माना गया है।
6. माता दुर्गा और शक्ति उपासना
यदि बार-बार गर्भ ठहरने में बाधा आ रही हो, तो:
शक्ति की आराधना
नवरात्रि व्रत
अत्यंत प्रभावी माने गए हैं।
माता दुर्गा:
शक्ति
सुरक्षा
जीवन ऊर्जा
की प्रतीक हैं।
पूजा के साथ किन बातों का ध्यान रखें?
Adhyatmik Shakti के अनुसार, केवल पूजा पर्याप्त नहीं है। निम्न बातों का पालन आवश्यक है:
पति-पत्नी के बीच प्रेम और सम्मान
नकारात्मक विचारों से दूरी
सात्त्विक भोजन
नशा और क्रोध से दूर रहना
धैर्य और विश्वास
क्या केवल पूजा से संतान मिल सकती है?
शास्त्र स्पष्ट कहते हैं:
ईश्वर मार्ग दिखाते हैं, पर कर्म हमें स्वयं करने होते हैं।
इसलिए:
चिकित्सकीय सलाह भी लें
मानसिक तनाव न पालें
पूजा को उपाय समझें, दबाव नहीं
2026 में संतान प्राप्ति और आध्यात्मिक संतुलन
आज के समय में:
तनाव अधिक है
जीवन शैली असंतुलित है
इसलिए 2026 में संतान सुख के लिए:
आध्यात्मिक साधना
मानसिक शांति
संयमित जीवन
पहले से अधिक आवश्यक हो गया है।
संतान प्राप्ति में समय लग रहा हो तो क्या करें?
निराश न हों
ईश्वर पर दोष न डालें
स्वयं को दोषी न मानें
याद रखें:
ईश्वर देर कर सकते हैं, पर अन्याय नहीं।
निष्कर्ष: संतान सुख का सच्चा मार्ग
बच्चे की प्राप्ति के लिए:
भगवान शिव
माता पार्वती
भगवान श्रीकृष्ण
भगवान गणेश
की पूजा अत्यंत शुभ मानी जाती है।
पर सबसे बड़ा मंत्र है:
श्रद्धा + धैर्य + सकारात्मक कर्म


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